surah rahman | सूरह रहमान हिंदी मे

surah rahman | सूरह रहमान हिंदी मे

असलामु अलैकुम आज हम surah rahman | सूरह रहमान हिंदी मे जानेगे सुरह रहमान कुरान मज़ीद की बेहतरीन और अजमत वाली सुरतो मे से एक है । इस सुरह मे अल्लाह पाक की नेमतों को और अल्लाह की कुदरत का निचोड़ है । आइये हम सूरह रहमान हिंदी मे | surah rahman  की तिलावत और उसकी फजीलत जांनने की कोशिश करते है । सूरह रहमान  और इस में 78 आयतें हैं। कुरआन में सूरह रहमान 30वें पारा में 55वीं सूरह है। इस सुरह की तिलावत करने से बहोत सी परेशानिया और मुसीबते दूर होती है और बहोत सी बरकते इस सुरह मे अल्लाह ताला राखी है । हम तफ़्सीर से surah rahman जानते है ।

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  surah rahman in hindi | surah rahman tarjuma 

अऊजु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रजीम
बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहिम

अल्लाह के नाम से शुरू करता हूँ जो बहुत मेहरबान रहमत वाला हैं

अर रहमान
वही बेहद महेरबान खुदा है

अल लमल कुरआन
जिसने कुरान की तालीम दी

खलक़ल इंसान
उसी ने इंसान को पैदा किया

अल लमहुल बयान
और उसको बोलना सिखाया

अश शम्सु वल कमरू बिहुस्बान
सूरज और चाँद एक ख़ास हिसाब के पाबन्द हैं

वन नज्मु वश शजरू यस्जुदान
तारे और दरख़्त ( पेड़ ) सब सजदे में हैं

वस समाअ रफ़ाअहा व वदअल मीज़ान
उसी ने आसमान को बलंद किया और तराज़ू क़ायम की

अल्ला ततगव फिल मीज़ान
ताकि तुम तौलने में कमी बेशी न करो

व अक़ीमुल वज्ना बिल किस्ति वला तुख सिरुल मीज़ान
इन्साफ के साथ ठीक ठीक तौलो और तौल में कमी न करो

वल अरदा वदअहा लिल अनाम
और ज़मीन को उसने मख्लूक़ के लिए बनाया है

फ़ीहा फाकिहतुव वन नख्लु ज़ातुल अक्माम
जिसमें मेवे और खजूर के दरख़्त हैं, जिनके खोशों पर गिलाफ़ चढ़े हुए हैं

वल हब्बु जुल अस्फि वर रैहान
और जिसमें भूसे वाला अनाज और ख़ुशबूदार फूल होता है

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

खलक़ल इन्सान मिन सल सालिन कल फख्खार
उसने इंसान को ठीकरे जैसी खनखनाती हुई मिट्टी से पैदा किया

व खलक़ल जान्ना मिम मारिजिम मिन नार
और जिन्नात को आग के शोले से पैदा फ़रमाया है

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

रब्बुल मश रिकैनि व रब्बुल मगरिबैन
वही दोनों मशरिकों और दोनों मगरिबों का भी रब है

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

मरजल बह रैनि यल तकियान
उसने दो ऐसे समंदर जारी किये, जो आपस में मिलते हैं

बैनहुमा बरज़खुल ला यब गियान
लेकिन उन दोनों के दरमियान एक रुकावट है कि दोनों एक दुसरे की तरफ़ बढ़ नहीं सकते

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

यख रुजु मिन्हुमल लुअ लूऊ वल मरजान
उन दोनों से बड़े बड़े और छोटे छोटे मोती निकलते हैं

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

वलहुल जवारिल मून शआतु फिल बहरि कल अअ’लाम
और उसी के कब्जे में रवां दवा वो जहाज़ हैं जो समंदर में पहाड़ों की तरह ऊंचे खड़े हैं

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

कुल्लू मन अलैहा फान
जो कुछ भी ज़मीन पर है सब फ़ना होने (मिटने) वाला है

व यब्का वज्हु रब्बिका जुल जलालि वल इकराम
और सिर्फ़ आप के रब की ज़ात बाक़ी रहेगी जो बड़ी इज्ज़त व करम व करम वाली होगी

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

यस अलुहू मन फिस समावाति वल अरज़ि कुल्ला यौमिन हुवा फ़ी शअन
आसमानों ज़मीन में जो लोग भी हैं, वो सब उसी से मांगते हैं हर रोज़ उस की एक शान है

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

सनफ रुगु लकुम अय्युहस सक़लान
ए इंसान और जिन्नात ! अनक़रीब हम तुम्हारे हिसाबो किताब के लिए फारिग़ हो जायेंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

या मअशरल जिन्नि वल इन्सि इनिस त तअतुम अन तन्फुजु मिन अक तारिस सामावती वल अरज़ि फनफुजू ला तन्फुजूना इल्ला बिसुल तान
ए इंसानों और जिन्नातों की जमात ! अगर तुम आसमान और ज़मीन की हदों से निकल भाग सकते हो तो निकल भागो मगर तुम बगैर ज़बरदस्त कुव्वत के नहीं निकल सकते

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

युरसलू अलैकुमा शुवाज़ुम मिन नारिव व नुहासून फला तन तसिरान
तुम पर आग के शोले और धुवां छोड़ा जायेगा फिर तुम मुकाबला नहीं कर सकोगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

फ़इजन शक़ क़तिस समाउ फकानत वर दतन कद दिहान
फिर जब आसमान फट पड़ेगा और तेल की तिलछट की तरह गुलाबी हो जायेगा

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

फयौम इज़िल ला युस अलु अन ज़मबिही इन्सुव वला जान
फिर उस दिन न किसी इंसान से उस के गुनाह के बारे में पुछा जायेगा न किसी जिन से

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

युअ रफुल मुजरिमूना बिसीमाहुम फ़युअ खजु बिन नवासी वल अक़दाम
उस दिन गुनाहगार अपने चेहरे से ही पहचान लिए जायेंगे, फिर वो पेशानी के बालों और पांव से पकड़ लिए जायेंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

हाज़िही जहन्नमुल लती युकज्ज़िबू बिहल मुजरिमून
यही वो जहन्नम है जिसको मुजरिम लोग झुटलाया करते थे

यतूफूना बैनहा व बैन हमीमिन आन
वो दोज़ख़ और खौलते हुए पानी के दरमियान चक्कर लगायेंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

व लिमन खाफ़ा मक़ामा रब्बिही जन नतान
और जो अपने रब के सामने खड़े होने से डरता था उसके लिए दो जन्नते हैं

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

ज़वाता अफ्नान
दोनों बाग़ बहुत सी टहनियों वाले ( घने ) होंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

फीहिमा ऐनानि तजरियान
दोनों में दो चश्मे बह रहे होंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

फीहिमा मिन कुल्लि फकिहतिन ज़वजान
उन बाग़ों में हर मेवे दो दो किस्मों के होंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

मुततकि ईना अला फुरुशिम बताईनुहा मिन इस्तबरक़ वजनल जन्नतैनी दान
( जन्नती लोग ) ऐसे बिस्तरों पर आराम से तकिया लगाये होंगे जिन के अस्तर दबीज़ रेशम के होंगे और दोनों बाग़ों के फ़ल (क़रीब ही) झुके हुए होंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

फ़ी हिन्ना कासिरातुत तरफि लम यतमिस हुन्ना इन्सून क़ब्लहुम वला जान
उन में नीची नज़र रखने वाली हूरें होंगी, जिन को उन से पहले न किसी इंसान ने हाथ लगाया होगा न किसी जिन ने

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

क अन्न हुन्नल याकूतु वल मरजान
वो हूरें ऐसी होंगी जैसे वो याकूत और मोती हों

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

हल जज़ा उल इहसानि इल्लल इहसान
भला अहसान ( नेक अमल ) का बदला अहसान ( बेहतर अज्र ) के सिवा कुछ और भी हो सकता है

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

वमिन दूनिहिमा जन नतान
और उन दो बाग़ों के अलावा दो और बाग़ भी होंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

मुद हाम मतान
जो दोनों गहरे सब्ज़ रंग के होंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

फीहिमा ऐनानि नज्ज़ा खतान
उन दोनों बाग़ों में दो उबलते हुए चश्मे भी होंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

फीहिमा फाकिहतुव व नख्लुव वरुम मान
उन में मेवे, खजूर, और अनार होंगे

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

फिहिन्ना खैरातुन हिसान
उन में नेक सीरत ख़ूबसूरत औरतें भी होंगी

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

हूरुम मक्सूरातुन फिल खियाम
खेमों में महफूज़ गोरी रंगत वाली हूरें भी होंगी

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

लम यत मिस हुन्ना इन्सून क़ब्लहुम वला जान
उन से पहले न किसी इंसान ने हाथ लगाया होगा न किसी जिन ने

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

मुत तकि ईना अला रफ़रफिन खुजरिव व अब्क़रिय यिन हिसान
( जन्नती लोग ) सब्ज़ तकियों और खूबसूरत कालीनों पर टेक लगाये होंगें

फ़बि अय्यि आलाइ रब्बिकुमा तुकज़ जिबान
तो ( ए इंसान और जिन्नात ! ) तुम अपने रब की कौन कौन सी नेअमतों को झुटलाओगे

तबा रकस्मु रब्बिका ज़िल जलाली वल इकराम
आप के परवरदिगार, जो बड़े जलाल व अज़मत वाले हैं, उन का नाम बड़ा ही बा बरकत है।

surah rahman hindi

Namaz ka tarika In Hindi | नमाज़ का तरीका

नमाज़ की सूरह हिंदी में | Namaz ki Surah in hindi

Surah Rahman In English

             surah rahman read online

Bismillah Hirrahmaan Nirraheem

ArRahmaan

Al lamal Quran

Khalaqal insaa n

Al LMahul Byaan

Ashshamsu walqamru Beehusabaan

Wannamju washshajru Yasjudan

Wassamaa A rafa Ahaa Wa Waja’Al Meezan

Alla Tatgau Feelmizaan

Wa Akeemul Waj Na Beelqistee Wa Laa Tukhseerul Meezan

Wa La Arza Waj Ahaa Leel Anam

Feeha Fakihatunw Wannakhlu Zatul Aqmaam

Walhuboo Zul Asfi War Raihaan

Fabi Ayyi Aalaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Khalaqal Insaa n Meen Salsaleen Qal Fakhkhaar

Wa Khalaqal Jaa N Meem Maarijeem Meen Naar

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Rabbul mashriqayni wa Rabbul Maghribayn

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Ma Razal Bahraynee Yalta Qeeyaan

Baynhuma Bar Jakhul La Yabgiyaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Yakhruzu Minhumal lu lu’u Wal Marzaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Wa Lahool Jawaareel Munsh Aatu Feelbaheer Qal a’Alaam

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Qulu Man Alayha Faneenw

Wa Yabka Wajhu Rabbi Ka Zul Jalaalee Wal Ekraam

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Yas’Aluhu Man feessamawaati Walarzee Qulal Yaumin Hu wa Fee Shaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Sa Nafrugu Laqum Ayyuhas Qalaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Ya Ma’A Sharal Jinni Walinsee Ineesat Ta’Atum An Tanfuz Meen Aqta Rees samawaati Walarzi Fanfuzu La Tanfuju- n illa Bisultan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Yur Salu Alaykuma Shuwazum Meen Narinw Wa Nuhasun Falaa Tantseeran

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Fa Izna Shakkteessma U Fa Kantu War Datan Kaddihaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Fa Yauma izeel La Yusa’Alu Ana Jambeehi Insunw wa La Jaann

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Yu Araful Muzreemuna Bisimaahum Fayu’A Khuju Beennawaasi Wal Aqdaami

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Haazihee Jahannammulatee Yuqzeebu Bihalu Muzreemun

Yatufu na Baynhaa Wa bayn Hamimeen Aan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Wa lee man Khaaf Maqaa M Rabbihee Janntaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Jawaataa Afnaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Feehimaa Aenaani Tajriyaani

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Feehimaa Meen Qulee Fakee Hatin Jaujaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Muttaqiee na Alaa Furushim Bta Inuha Meen Istab Raqeen Wa janal Jannataini Daan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Feehin na Qasiraatu Tirf Lam Yatmis Hun na insunu Rublahoom wa laa Jann

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Qa Anan Hunlayakutu Wal Marzaan

Fabi Ayyi Aalaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Hal Jaza-ul Ihsaani illal Ehsan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Wa Min Duniheemaa Jannataan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Mud Haammataani

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Fiheema Aenaani Najja Khataani

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Fiheema Fakihatunw Wannakhlu wa Rumman

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Fihin n Khairaatun Heesaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Huroom Maksuraatun Feel Khiyaam

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Lam Yaatmeesahun na insu n Qablahum Wa laa Jann

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Muttaqiee na Alaa Rafrafeen Khujreenw wa Abqariyyeen Hisaan

Fabi Ayyi Aalaaa’i Rabbikumma Tukazzibaan

Tabaa Raqasmu Rabbi Ka Jil Jalalee Wal Ekraam

HADEES  IN  HINDI 

हुजूरे करीम सल्ललहो अलैहि वसलम ने फ़रमाया की बहोत से गुनाह है जिसकी सजा अल्लाह ताला आख़िरत मे देगा मगर  जो शक्श अपने वालिदैन को तकलीफ देगा अल्लाह ताला उसकी सजा दुनिया मे भी देगा  और आख़िरत  मे भी देगा हुजूर ने एक और बात फ़रमाई की अल्लाह हर गुनाह बक्श देगा मगर जो  अपने माँ और बाप से बदसलूखी करेगा अल्लाह उसे नहीं बख्शेगा । अल्लाह हुअक्बर 

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